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Thursday, 23 March 2017

सुख शांति


हिंदुस्तान, लखनऊ, 22 मार्च 2017 , पृष्ठ --- 15 





अमानवीयता :



Thursday, 16 March 2017

महिला सशक्तिकरण क्या है ? -------- ऋतु सारस्वत

हिंदुस्तान, लखनऊ, 16 मार्च 2017 , पृष्ठ --- 14 

कहने को तो नारी गृहस्थी  की गाड़ी है परंतु वास्तविकता क्या है ? सब तो खून चूसते हैं खटमल की तरह । 

Friday, 10 March 2017

Wednesday, 25 January 2017

बिखरेगी फिर वही चमक -------- सिद्धार्थ रा.


सिद्धार्थ रा. 
 24-01-2017 

पानी को बर्फ में,
बदलने में वक्त लगता है !!
ढले हुए सूरज को,
निकलने में वक्त लगता है !!
थोड़ा धीरज रख,
थोड़ा और जोर लगाता रह !!
किस्मत के जंग लगे दरवाजे को,
खुलने में वक्त लगता है !!
कुछ देर रुकने के बाद,
फिर से चल पड़ना दोस्त !!
हर ठोकर के बाद,
संभलने में वक्त लगता है !!
बिखरेगी फिर वही चमक,
तेरे वजूद से तू महसूस करना !!
टूटे हुए मन को,
संवरने में थोड़ा वक्त लगता है !!
जो तूने कहा,
कर दिखायेगा रख यकीन !!
गरजे जब बादल,
तो बरसने में वक्त लगता है !!

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