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Tuesday, 17 June 2014

यह पानी

यह पानी

खेतों पर झरने का स्त्रोत मिल जाये
बड़ा अच्छा होता पानी सीप का मोती बन जाये।
बड़ा अच्छा होता दोनों का अस्तित्व पानी बन जाये
दोनों दरिया में मिल कर समुंदर बन जाएँ।
न हम रहें न तुम रहो दोनों मीठे पानी का सैलाब बन जाएँ।